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Picture Credit- News18

यह समय
बलात्कार का है
बलात्कर
स्त्रियों से
कमज़ोरों से
बच्चों से
बच्चों के दिमाग़ों से
इतिहास से
कानून से
और
धर्म से
होता जा रहा है।
कुछ चुप हैं
कुछ लिख पढ़ रहे हैं
कुछ अट्टहास कर रहे हैं
और कुछ सिसक रहे हैं।
समय चल रहा है;
बलात्कार हो रहा है।