देसी ठसक

#देसी ठसक

मेरी दिनचर्या

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नौकरी की चाहत में रोजमनुष्य से दो -चार दर्जा नीचे उतर आती हूँबाजार से लौटते हुए चीजों के प्रति हिकारत से भर जाती हूँ पॉजिटिव सोचने की जद्दोजहद करते-करतेखो जाती हूँ लोंगों के बीचदिल्ली के कबूतरों की तरह हीबैठने की […]

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पंजवार, भोजपुरी और आखर!

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ये तीनों शब्द एक दूसरे के पूरक जैसे हैं, भोजपुरी की बात हो तो पंजवार और आखर पर घंटों बात किया जा सकता है। पंजवार गांव भोजपुरी की सेवा करने, भोजपुरी के स्वाभिमान की बात करने के लिए देश-विदेश से […]

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संघर्ष-ए-ज़िंदगी

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सुमन जोशी का जन्म उत्तराखण्ड राज्य के पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट में 1992 में हुआ । प्रारम्भिक शिक्षा गंगोलीहाट से ही हुई l कुमाऊँ विश्वविद्यालल, नैनीताल से इतिहास में परास्नातक पूरा किया । सुमन अभी ‘उत्तराखण्ड संस्कृति व महिलाओं का […]

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भूमंडलीकरण के बाद कितना बदला है मेरा गांव?

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गाँव की परम्परा शहर, क़स्बों से कुछ मामलो में हमेशा भिन्न रही है। चाहे वो रहन-सहन का मामला हो या खान-पान, गीत- संगीत, पहनावा या फिर आपसी संबंध या भाईचारे का। सदियों से, शहरों के बनिस्पत गाँव का कार्य हमेशा […]

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नेटुआ: जे नाचल से काहाँ बाचल 

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नेटुआ यह एक नाचने वालो का जाति है जिसको समाज के लोग हिन भावना से देखते है। आज हम बात कर रहे है कुछ नाचों ने बारे में l श्रीमद्भागवत महापुराण में भी संगीत एवं अभिनय एवं नाट्य का उदाहरण […]

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