Day: January 14, 2019

#चौक-चौराहा

क्यों लचकती ,महकती अब तेरी सुबह है?

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(१) क्यों लचकती ,महकती अब तेरी सुबह है? हर नज़र चमचमाती आकाशगंगा सी शाम है, नई एक नगरी के बीच संगम मनोहर, पुराने मोहल्लों की नई रंगत, एक धरोहर कहीं ची-ची करते विदेशी परिंदे और हर-हर महादेव के देशी मंजीरे […]