#Theme of the week #जनता- जनार्दन

वीर शहीद

0

श्वेत कपोत कबतक हम आसमाँ में उड़ाएंगे कबतक शहीदों के शव पर आँसू हम बहाएंगे कह दो उनसे जो नफरत से जंग जितना चाहते हैं जब-जब नफरत लड़ी हमसे तब-तब मुँह की खाई है गौतम, नानक के वंशज हैं हम […]

#Theme of the week #जनता- जनार्दन

शहीद की बहन

0

शायद कोई कमी रह गई मेरे राखी के धागों में तभी मेरे भैया की यादें धू-धू जल गई अंगारों में वादा कर के गए थे आऊँगा डोली में तुझे बिठाने कैसे पिया के संग जाऊँ सात फेरों के वचन निभाने […]

#जनता- जनार्दन

सुसाइड

0

प्रिय शताब्दी होस्टल के सथियों मुझे यह देख कर अत्यंत हर्ष होता हैं कि, विश्वविद्यालय में पाठ्येत्तर गतिविधियों का आयोजन हो रहा है। मैं कौतुक वश आपका पोस्टर देख कर रुक गयी। उदबोधन ‘the अवेकनिंग’ ये है आपके कार्यक्रम का […]

#चौक-चौराहा

सामान्य वर्ग का आरक्षण व अन्य आरक्षण तथा सुविधाओं का वितरण

0

केंद्र में सत्तारूढ़ एन०डी०ए० सरकार ने सत्र के अंत में आनन-फानन में अनारक्षित वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों को शिक्षण संस्थाओं और सेवाओं में 10% आरक्षण देने का फैसला किया।इसके लिये संविधान संशोधन विधेयक लाया गया जिसे […]

#चौक-चौराहा

क्यों लचकती ,महकती अब तेरी सुबह है?

0

(१) क्यों लचकती ,महकती अब तेरी सुबह है? हर नज़र चमचमाती आकाशगंगा सी शाम है, नई एक नगरी के बीच संगम मनोहर, पुराने मोहल्लों की नई रंगत, एक धरोहर कहीं ची-ची करते विदेशी परिंदे और हर-हर महादेव के देशी मंजीरे […]

#जनता- जनार्दन

मैं जागूँगा…

0

ध्रुव हर्ष द्वारा लिखी गई यह कविता.. आज तो आख़िरी रात है, मैं जागूँगा…उनके लिएजिन्होंने मुझे कभी नहीं अपनाया। वे जिन्हें मैं चूमना चाहता था उन मीराओं और मेहरून्निसाओं के लिए जो मेरे लिए कविताएँ लिखतीं थी और कमर में […]